दूसरे प्रांत या फिर अन्य जिलों में फंसे गोरखपुर के लोगों के लिए घर वापसी को लेकर शासन स्तर से कोई गाइडलाइन जब तक तय नहीं हो जाती है तब तक जिला प्रशासन वहीं पर जरूरतमंदों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाएगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुज मलिक की ओर से अबतक तीन हजार से अधिक लोगों को मदद दी जा चुकी है। इन अफसरों ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर संबंधितों तक भोजन, दवा आदि की जरूरी सुविधाएं पहुंचाईं।
जिला प्रशासन की तरफ से सभी तहसीलों में ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है जिनके परिवार का कोई सदस्य या पूरा परिवार ही बाहर फंसा हुआ है। इसी तरह उनका भी ब्योरा जुटाया जा रहा है जो बाहर से आकर लॉकडाउन के दौरान गोरखपुर में फंस गए।
ऐसे लोगों की सहूलियत के लिए जिला प्रशासन ने अब वेबसाइट भी जारी की है। इस वेबसाइट http://wecaregorakhpur.in पर भी सूचनाएं दे सकते हैं। पूरा पता और मोबाइल नंबर देना इसलिए जरूरी है ताकि ऐसे लोगों के लिए घर पहुंचाने को कोई विशेष ट्रेन या बस की व्यवस्था बनती है तो संबंधित के मोबाइल पर सूचनाएं दी जा सके।